26 जनवरी के दिन Red Fort पर हुए हमले से देश का सर शर्मसार हुआ है। लोग इस पर अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है। कुछ लोग Red Fort पर हुए इस हमले में किसानो और किसान नेताओ को दोषी मान रहे है तो वही कुछ लोग नेताओ और पुलिस वालो को दोषी मान रहे है।

Red Fort पर 26 जनवरी को जो कुछ भी हुआ किसानो ने अपने प्रदर्शन में जो चीज़े की वो बेहद ही अपनाम जनक थी। किसानो ने तिरंगे का भी अपमान किया जिससे भी लोगो में आक्रोश है।
किसानो द्वारा हुए इस उपद्रव को लेकर प्रसाशन ने ज़ोर कस लिया है। क्राइम ब्रांच इस मामले में किसान नेताओ को पकड़ने की कोशिश में है।

गणतंत्र दिवस पर Red Fort में उपद्रवियों का नेतृत्व करने वाले पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू को दिल्ली पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। तीन दिनों से पुलिस की चार टीमें पंजाब के अलग-अलग इलाकों में दीप की तलाश में हैं, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ रहा है।
पुलिस का कहना है कि दीप अपना मोबाइल फोन बंद कर भूमिगत हो गया है। लेकिन, दीप सिद्धू घटना के बाद से कई बार फेसबुक लाइव होकर बयान जारी कर चुका है। शनिवार शाम को भी उसने फेसबुक पर कहा कि वह कुछ सुबूत जुटाने में लगा हुआ है।

इसके बाद खुद दिल्ली पुलिस के समक्ष समर्पण कर देगा।
बताया जा रहा है कि Red Fort पर उपद्रव के बाद मंगलवार शाम को ही दीप मौके से भाग गया था। तभी से उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा है, लेकिन फेसबुक पर लगातार सक्रिय है।

विरोध जताने पर उसने कुछ किसान नेताओं को धमकी भी दी थी। उसने कहा था कि अगर वह उनकी परतें खोलने पर आ गया, तब किसान नेताओं को भागने के लिए जमीन कम पड़ जाएगी। उसने सफाई में कहा था कि उसने राष्ट्रीय ध्वज को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि अपने ध्वज फहरा कर सरकार को ताकत दिखाई है।
70 से अधिक ट्रैक्टर मालिकों को भी पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा गया है।
इस हफ्ते उनसे भी पूछताछ की जाएगी। उपद्रवियों व उनके वाहनों के पहचान करने का सिलसिला लगातार जारी है। जैसे जैसे उपद्रवियों की पहचान होती जा रही है क्राइम ब्रांच और स्थानीय थाना पुलिस उन्हें पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेज रही है।
अब तक उपद्रव मामले में दिल्ली पुलिस 38 एफआइआर दर्ज कर चुकी है और 84 उपद्रवियों को गिरफ्तार भी कर चुकी है।

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