मन की बात में बोले PM Modi: 26 January को हुए तिरंगे के अपमान से देश है दुःखी

 2020 में 31 January यानि की रविवार के दिन PM Modi ने इस साल की पहली मन की बात करी है। जिसमे उन्होंने 26 जनवरी के दिन हुए तिरंगे के अपमान के बारे में भी बात कही है। PM Modi ने कहा है की देश का सर इस घटना से शर्मसार हुआ है। तिरंगे के अपमान से देश बहुत दुखी है। इसके अलावा भी PM Modi ने कई सारी बातो पर बात की है-

आइये जानते है किन बातो पर PM Modi ने चर्चा की है-

PM Modi

PM Modi ने कहा कि नमो ऐप पर यूपी से हिमांशु यादव ने लिखा है कि मेड इन इंडिया वैक्सीन से मन में आत्मविश्वास आ गया।

PM Modi ने कहा कि 23 साल की प्रियंका बिहार के सिवान में रहती हैं और हिंदी साहित्य की विद्यार्थी हैं। वे देश के 15 पर्यटन स्थलों पर जाने के मेरे सुझाव से प्रेरित थीं। एक जनवरी को वे देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के पैतृक निवास पर गईं। उन्होंने लिखा कि देश की महान विभूतियों को जानने में उनका ये पहला कदम था। आपका ये अनुभव दूसरों को प्रेरित करेगा।'

PM Modi ने कहा कि मैं सभी देशवासियों और युवाओं का आह्वान करता हूं कि देश के स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में लिखें। आपका लेखन आजादी के नायकों के प्रति उत्तम श्रद्धांजलि होगी। यंग राइटर्स के लिए इंडिया-75 के तहत एक पहल हो रही है। इससे सभी राज्यों और भाषाओं के युवा लेखकों को बढ़ावा मिलेगा। देश को नए लेखक मिलेंगे। इससे भविष्य की दिशा निर्धारित करने वाले थॉट लीडर्स का ग्रुप भी बनेगा।

PM Modi ने हैदराबाद के बोइनपल्ली की एक सब्जी मंडी का जिक्र किया। यहां बची सब्जियों से बिजली बनाई जाती है। उन्होंने कहा कि बेकार हुई सब्जियों से बिजली बनाने के बारे में आपने शायद ही सुना हो। यही इनोवेशन है, कचरे से कंचन बनाना इसी को कहते हैं। रोज वहां 10 टन कचरा निकलता है। इससे हर दिन बिजली बनती है और किलोग्राम बायो फ्यूल मिलता है।

PM Modi ने कहा, 'हमें आने वाले वक्त को नई आशा और उम्मीदों से भरना है। हमने असाधारण क्षमता का परिचय दिया है और आगे भी हमें ऐसा करना है। साल की शुरुआत के साथ ही कोरोना के खिलाफ लड़ाई को भी एक साल पूरा हो गया है। वैक्सीनेशन प्रोग्राम दुनिया में मिसाल बन रहा है।'

प्रधानमंत्री बोले, 'जब मैं मन की बात करता हूं तो लगता है कि परिवार को बीच मौजूद हूं। हमारे खट्टे-मीठे अनुभव, जीवन के लिए सीख ही मन की बात है।

2021 की जनवरी का आखिरी दिन है। आप भी मेरी तरह सोच रहे हैं कि पूरा महीना बीत गया। समय की गति यही तो है। कुछ दिन पहले की बात है कि नए साल की शुभकामनाएं दीं, पोंगल, मकर संक्रांति, लोहड़ी, 23 जनवरी नेताजी की जयंती पर पराक्रम दिवस, 26 जनवरी, बजट सत्र जैसी चीजों के बीच एक और काम हुआ। पद्म पुरस्कारों की घोषणा हुई।

PM Modi ने कहा कि अगर मैं आपसे बुंदेलखंड के बारे में बात करूं तो आप क्या बताएंगे। इतिहास में रुचि रखने वाले लक्ष्मीबाई से जोड़ेंगे, कुछ ओरछा और कुछ गर्मी से इसे जोड़ेंगे। इन दिनों यहां कुछ अलग हो रहा है। पिछले दिनों झांसी में एक महीने तक चलने वाला स्ट्रॉबेरी फेस्टिवल शुरू हुआ। हर कोई आश्चर्यचकित है कि स्ट्रॉबेरी और बुंदेलखंड।

झांसी की बेटी गुरलीन चावला ने इसमें भूमिका निभाई। लॉ की इस छात्रा ने पहले अपने घर और फिर खेत में इसकी फसल उगाकर ये बताया कि झांसी में भी स्ट्रॉबेरी हो सकती है। टेरेस गार्डन पर युवाओं को स्ट्रॉबेरी उगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जो स्ट्रॉबेरी कभी पहाड़ों की पहचान थी, वह अब कच्छ की रेतीली जमीन पर भी हो रही है।

 

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